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Kaya getting scared of nirbhay

अब आगे ,

निर्भय अभी भी खोए हुए उस दिशा में देख रहा था तभी उसके दोस्त निर्वाण ने उसे हिलाते हुए कहा “ निर्भय कहा खो गए? आरती खत्म हो गई , अब चलो होटल चलके मस्त पार्टी करते है”

निर्भय उसकी आवाज सुन होश में आया , उसने चारो तरफ देखा , भीड़ तो अब भी थी , उसने इधर उधर पूरे घाट में नजरे घुमाई , बहोत से दिखे पर जिसकी तलाश उसकी नजरों को थी वो कही नही दिखी .. .. .. .. 

खैर , निर्भय अपने दोस्तो के साथ वहा से चला गया, क्योंकि उसे ज्यादा भीड़ वाली जगह पसंद नही थी।

इधर , काया घाट से दूर आ गई थी , वो अपनी दाइमा को ढूंढ रही थी , उसने हर तरफ देखने के बाद परेशान होके खुदसे कहा “ हे भगवान, में अब दाई मां को कहा से ढूंढू , वो कही दिख नही रही है और मुझे यहां से होटल का address भी नही पता में कैसे जाऊ अब , ऊपर से मेरा फोन भी दाईमां के पास है .. .. .. 

कहते हुए वो थोड़ा आगे आई और उसने एक औरत से पूछा “ आंटी यहा पे मेरीडन ग्रैंड होटल कहा है? 

उसकी बात सुन उस औरत ने उसे होटल का address बताया।

उनकी बात सुन, वो चलते चलते घाट से दूर रास्ते पे आ गई , रास्ता थोड़ा सुनसान था , काया को काफी डर लग रहा था , उसने खुदसे कहा “ डरो मत काया , आंटी ने कहा था ना यहां से स्ट्रेट चलने से होटल मिल जायेगा तो ठीक है चलो अब”

वो थोड़ा और आगे आई , तो उसे रास्ते के किनारे कुछ आवारा लड़के ड्रिंक करते दिखे , ये देख काया थर थर कांपने लगी .. .. .. .. उसे ऐसे लड़कों से बहुत डर लगता था।

वो उन्हे इग्नोर कर जल्दी जल्दी आगे बढ़ने लगी , लेकिन उन लड़कों की नजर उसपे पड़ गई , तो उनके चेहरे पे डेंजर स्माइल आ गई , उन्होंने एक दूसरे को इशारा किया और उसके पीछे आ गए।

काया ये देख बेहद डर गई , वो जल्दी जल्दी चलने लगी .. .. .. डर की वजह से उससे चला भी नहीं जा रहा था , फिर भी वो छोटी सी जान अपनी पूरी जान लगाके चल रही थी , बिचारी ने इडिनबर्ग में ऐसी सिचुएशन कभी नही देखी थी लेकिन आज इंडिया आके पहले ही दिन उसे ये सब देखना पड़ गया। 

वो लड़के , काया के पीछे आते आते बोलने लगे , “ हेलो मैडम , कहा जाना है ? कहो तो हम छोड़ दे ?

काया ने कुछ नही कहां तो वो लड़का बोला " अरे शरमाओ मत , हम है ना डरो मत आज रात मजे करेंगे , तुम भी करना हम भी करेंगे .. .. .. .. कहते हुए वो हसने लगे।

काया की आंखों में आंसू आ गए , उनकी बात सुन , वो अब तेजी से भागने लगी।

वो बिल्कुल स्ट्रॉन्ग नही थी लेकिन कहते है ना अपनी जान बचाने के लिए चिटी में भी हाथी जैसा बल आता है , वैसे ही काया भी जितनी हो सके उतनी ताकत लगाके भाग रही थी।

लेकिन उसके पीछे भाग रहे उन लड़कों के कदम उससे ज्यादा तेज थे , उनमें से एक ने काया को पकड़ लिया और कहा “ अरे इतनी सी जान , काहे अपने मखमली बदन को इतनी तकलीफ दे रही हो , भागने से अच्छा है चलो साथ में रात रंगीन करते है”

इतना कहकर वो हसने लगे , काया की डर से हालत खराब थी , तभी उसे कुछ याद आया तो उसने उस लड़के के हाथ को जोर से बाइट किया और उसे धक्का देकर वहा से फिर भाग गई . .. .. .. 

वो लड़का अपना हाथ पकड़ बैठ गया लेकिन उसके साथी काया के पीछे भागने लगे .. .. .. .. .. 

काया ने ये देख उनसे रास्ता मोड़ लिया और अब वो एक हाईवे पे आ गई थी, वो हाफ्ते हुए सड़क के किनारे रुकी पर कुछ ही देर रुककर फिर भागने लगी।

भागते हुए अब उसकी हिम्मत जवाब दे चुकी थी , उसे चक्कर आने लगा , उसने जैसे तैसे संभाला और थोड़ा भागने की कोशिश की पर एक बार फिर उसे चक्कर आ गया और इस बार उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला . .. .. 

वही , सामने से एक स्पोर्ट्स कार बड़े ही तेजी से चलके आ रही थी , कार में बैठा लड़का जो की निर्भय ही था , वो अपनी ही धुन में कार चला रहा था। 

तभी उसकी कार के सामने एक लड़की आई.. .. .. " ohh शीट " कहते हुए निर्भय ने तेजी से ब्रेक लगाया, गुस्से में उसकी सांसे तेज हो गई .. .. .. 

वो कार से निकला , और गुस्से में उसकी तरफ बढ़ते हुए कहा “ who the hell is this, मेरी ही कार मिली थी , मू मारने को” 

उसके पीछे ही उसके दोस्तों की कार भी रुक गई , वो सब बाहर निकले और उसके पास आके कहा “ निर्भय काम डाउन , पहले देखते है क्या हुआ है, may be इसे हेल्प की जरुरत हो”

कहते हुए निर्वाण उस लड़की के पास गया , वो लड़की जो की काया ही थी , वो सड़क पे गिरी थी, उसके बालों ने उसका चेहरा ढका था , निर्वान ने उसे कंधे से पकड़ सामने किया और अपनी गोद में उसका चेहरा रख हिलाते हुए कहा “ hey are you ok? Open your eyes” 

उसके कहने के बाद भी , काया ने आंखे नही खोली , वही निर्भय जो दूसरी तरफ चेहरा करके खड़ा था , उसने एक नजर काया को देखा और जैसे ही चेहरा फेरना चाहा तभी उसे होश आया।

उसने वापस काया को देखा और देखता ही रह गया , काया वही लड़की थी जिसे उसने घाट पे देखा था , लेकिन इस बात की उम्मीद उसे नही थी की वो इतनी जल्दी दोबारा उसे दिखेगी , कुछ देर खामोशी से काया को देखने के बाद उसने स्मिर्क किया।

तभी उसकी आंखे सर्द हो गई , जब उसने देखा कि निर्वाण काया को अपनी गोद में उठा रहा था, ये देख निर्भय जल्दी से सामने आया और निर्वाण को दूर कर जल्दी से काया को अपनी बाहों में उठाया।

ये होते ही निर्वाण के साथ साथ सभी हैरान हो गए , काम्या ने आगे आके कहा “ निर्भय what are you doing? We Don't know कोन लड़की है, तुम रहने दो निर्वाण गार्ड्स के हवाले कर देगा इसे , वो लोग ले जायेंगे हॉस्पिटल”

उसकी बात सुन , निर्भय ने एक तीखी नजर काम्या पे डाली तो काम्या चुप हो गई ,निर्भय भले ही अपने दोस्तो के साथ बहोत फ्री था लेकिन उसका किसी के साथ फ्री होना भी एक लिमिट तक होता था, उसे अपनी लाइफ में या वो जो भी करेगा इन सबमें किसी की इंटरफेरेंस पसंद नही थी, क्योंकि उसे किसी की बाते सुनना पसंद नही था , वो हमेशा अपनी लाइफ अपने अकॉर्डिंग जीता था।

खैर , निर्भय काया को लेके अपनी कार की तरफ बढ़ गया , कार का बैक डोर खोल निर्भय ने एक नजर पीछे दूसरी कार में बैठे अपने गार्ड्स को देखा तो उनमें से एक जल्दी से सामने आया और ड्राइविंग सीट पे बैठ गया।

निर्भय भी काया को लेके बैक सीट पे बैठ गया और पार्टीशन ऑन किया क्योंकि वो नही चाहता था की काया के ऊपर किसी और की नजर पड़े।

वही, उसके सारे दोस्त अपनी कार में बैठ गए।

कार में बैठ काम्या ने कहा “ i don't know what's wrong with निर्भय.. .. ..

उसकी बात काटते हुए निर्वाण ने कहा “ what's wrong with you काम्या? 

नेत्रा “ और नही तो क्या काम्या , तु बस शांत रह , जानती है ना निर्भय को अपनी लाइफ में किसी की इंटरफियरेंस पसंद नही है, भले ही वो कितना भी क्लोज क्यू ना हो then I don't think की हमे बीच में बोलना चाहिए” 

अहान “ exactly, निर्भय को पता है वो क्या कर रहा है , so we don't need to worry” 

अपने दोस्तो की बात सुन, काम्या ने मु बनाया और कहा “ ohk fine,”

कुछ ही देर में , निर्भय की कार एक 5 स्टार होटल के सामने आके रुकी, निर्भय काया को लेके कार से बाहर निकला और बीना किसी पे ध्यान दिए सीधा अपने रूम की तरफ बढ़ गया। 

रूम में आके , उसने काया को नजाकत से बेड पे लिटाया और खुद उसके पास में ही बैठ गया। 

उसकी बेताब आंखे बड़ी ही शिद्दत से काया के चेहरे के हर हिस्से को देख रही थी, काया की खूबसूरत आंखे जो फिलहाल बंद भले ही थी लेकिन निर्भय ने घाट पर ही उसकी आंखे और उसकी आवाज सुनी थी।

बेताबी से देखते हुए निर्भय ने खोए हुए ही काया के चेहरे पे हाथ रखा, और उसके चेहरे के हर हिस्से को छूके देखने लगा, उसकी घनी पलके जो उसकी आंखों की हिफाजत करते हुए पहरा जमा रही थी , उसकी पतली, सीधी और छोटी नाक , उसके गुलाबी और गोरे गाल किसी बार्बी डॉल जैसे थे.. .. .. ..

उसे देखते हुए निर्भय ने खोए हुए कहा “ are you real , barbie doll”

तभी उसकी नजरे काया के खूबसूरत गुलाबी होठों पे गई , उसने उसके होठों पे उंगलियां फेरी , और फिर अचानक ही नीचे झुक उसके होठों को हल्के से छू लिया लेकिन हाथों से नही बल्कि अपने सख्त होठों से.. .. .. 

काया की स्किन इतनी ज्यादा सेंसिटिव थी , की निर्भय के सख्त होठों ने हल्के से छु लिया तो लाल हो गए , ये देख निर्भय के होठों पे अजीब सी स्माइल आ गई , उसने कहा “ कितनी सेंसिटिव स्किन है तुम्हारी, मजा आयेगा , तुम्हारे इस मुलायम जि- स्म को लाल करने में”

लेकिन तभी उसे अहसास हुआ की उसने अभी अभी क्या कहा,  उसने हैरानी से खुदसे कहा “ ये में क्या कर रहा हु , और क्यू , क्या जादू है तुम्हारे अंदर , जो किसी की तरफ नजर घुमाके ना देखने वाला निर्भय तुमसे नजरे हटा नही पा रहा है ,” 

कहते हुए वो बड़ी ही गहरी नजरों से काया को देखने लगा , जो इन सबसे बेखबर आराम से सो रही थी।

तभी निर्भय के कमरे का डोर नॉक हुआ , निर्भय ने काया से नजरे हटाई और जाके डोर खोला तो सामने निर्वाण और अहान खड़े थे , निर्वाण ने कहा “ वो लड़की कैसी है? होश आया उसे ?

उसके मू से एक बार फिर काया का जिक्र सुन, निर्भय की आंखे लाल हो गई, उसने गुस्से में कहा “ तुझे में आखरी बार कह रहा हु अपना अपना काम कर , उसके बारे में सोचने के लिए में हु , तुममें से किसी को सोचने की जरूरत नही है , now get lost and don't disturb me”

ये बोल वो डोर बंद करने ही वाला था की , अहान ने टोकते हुए कहा “ ok fine कोई तुझे डिस्टर्ब नहीं करेगा , पर पहले चल कुछ खा लेते है यार सुबह से कुछ खाया नही है और फिर पार्टी भी तो करनी है, बार सेट है”

निर्वाण “ but I don't think की निर्भय उस लड़की को छोड़के आएगा, मुझे तो ये मामला कुछ ठीक नही लग रहा अहान , लगता है निर्भय सिंह राजवंश पहली बार किसी लड़की के लिए पिघल रहा है"

इसपे अहान कुछ बोलता उससे पहले ही निर्भय ने गुस्से में कहा “ ऐसा कुछ नही है , में और किसी लड़की पे पिघलू, ऐसा इस जनम पे पॉसिबल नही है” कहते हुए उसकी आवाज में एरोगेंस था। 

वो कमरे से बाहर निकला और जाते जाते गार्ड्स को कमरे पे नजर रखने का इशारा कर आगे बढ़ गया। 

वो नीचे आया और अपने दोस्तो के साथ मिलके डिनर किया और फिर वो सब पार्टी करने होटल के ही बार एरिया में आ गए। 

इधर , उसके जाते ही कुछ देर बाद काया को होश आया , और वो उठ गई और उठते ही उसने खुदको अंजान जगह देखा तो चौक गई , उसने एक नजर अपनी हालत देखी तो खुदको सही सलामत देख उसे तसल्ली हुई, वो धीरे धीरे उठके बैठ गई …. 

उठने के कुछ देर बाद ही वो वहा से बाहर निकलने लगी तो उसने दरवाजे पे दो गार्ड्स को देखा , ये देख वो बेहद डर गई , पर तभी उसे राहत मिली जब वो गार्ड्स आपस में बाते करने में busy हो गए .. .. 

काया धीमे कदमों से चलते हुए वहा से भाग गई लेकिन गार्ड्स ने फिर भी उसे देख लिया तो वो उसके पीछे ही भागे .. .. .. काया बेहद तेज भागते हुए होटल की लॉबी में आई , उसने पलटकर देखा तो गार्ड्स उसके पीछे ही थे , बस उससे थोड़ी दूरी पे .. .. .. 

ये देख काया डरते हुए एक डायरेक्शन में चली गई , और गार्ड्स से बचने के लिए वो एक जगह आई .. .. .. .. वो बार एरिया में ही आई थी जहा निर्भय था , वहा पार्टी चल रही थी .. .. .. .. 

काया शोर शराबे से बचने के लिए सोफे से पीछे छुप गई और कान पे हाथ रखते हुए कहा “ कितना शोर है यहां भगवान जी, शायद कोई पार्टी चल रही है , अच्छा है वो गार्ड अंकल मुझे ढूंढ नही पाएंगे”

वही , निर्भय अपने दोस्तों के साथ ड्रिंक और डांस करने में बिजी था , तभी एक लड़के की ड्रिंक उसके शर्ट पे गिर गई, ये देख निर्भय की आंखे डार्क हो गई , वो लड़का नशे में टुन्न था , उसे किसी चीज का होश नही था , उसने नशे भरी आवाज में कहा “ ऐसे क्या देख रहा है , तुझ जैसे को घास नहीं डालता में, चल हट साइड में, तुझे में सॉरी नही बोलूंगा”

निर्भय के होठों पे डार्क स्माइल आ गई , उसने धीमी मगर खतरनाक आवाज में कहा “ dont worry, तुझे सॉरी बोलने का मौका भी नहीं मिलेगा” 

कहते साथ ही , निर्भय ने एक हाथ घुमाके उसके चेहरे पे जोरदार थप्पड़ जड़ दिया , निर्भय के एक थप्पड़ से ही उस लड़के का नशा गायब हो गया था , वो लड़का गिरने को हुआ की तभी निर्भय ने उसके पेट में और उसकी ठुड्ढी पे लात मार दी , उस लड़के की जोरदार चीख निकल गई , उसकी चीन की हड्डी टूट गई थी .. .. .. .. 

काया जो सोफे के पीछे छुपके बैठी थी , जैसे ही उसने ये चीख सुनी वो बैठे बैठे कांप गई .. .. .. .. उसने सोफे के ऊपर अपना छोटा सा सिर उठाके देखा, तो सामने का नजारा देख फिर कांप उठी .. .. .. 

इधर , वो लड़का चीखते हुए नीचे गिर गया , निर्भय ने उसके हाथ पर अपना पैर रखते हुए कहा “ इसी हाथ से मुझपे ड्रिंक गिराई थी ना तूने ? 

इतना कहकर कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही वहा एक गनशॉट की आवाज गूंज उठी , साथ ही साथ दर्दनाक चीख भी .. .. .. .. निर्भय ने उस लड़के के हाथ पे गोली चलाई थी .. .. .. 

 डरी सहमी सी काया ये नजारा देख थर थर कांपने लगी ,उसने कांपते होठों से कहा " म मॉन्स्टर, काया मॉन्स्टर है यहां चलो यहां से "

ये बोल , वो कांपते हुए उठी और धीरे धीरे बाहर आ गई , बाहर वो गार्ड्स नही थे , वो जैसे तैसे होटल से बाहर आई , तो उसे इस होटल के साइड में ही अपना होटल दिखा, ये देख उसे बेहद राहत मिली , वो जल्दी से अपने होटल में आ गई,आते ही उसे उसकी दाईमां दिखी , जो लॉबी में ही परेशान सी इधर उधर टहल रही थी। 

काया उनके पास आई , तो दाई के बेचैन दिल को जैसे राहत मिली, उन्होंने फिक्र भरी आवाज में कहा “ काया बेटा कहा गई थी आप, मुझे बीना बताए , में कितनी परेशान हो गई थी ,”

काया ने धीरे से कहा “ दाईमां अभी कुछ मत पूछिए , पहले आ- आप चलो कमरे में चलते है ,” कहते हुए उसकी आवाज भी कांप रही थी।

खैर , दाई उसे लेके अपने कमरे में आई , और फिर कुछ ही देर में दोनो ने खाना खाया , काया ने बहुत थोड़ा खाया था ,उसके गले से निवाला ही नही उतर रहा था, पर जैसे तैसे उसने थोड़ा बहोत खा लिया .. .. ..

खाने और फ्रेश होने के बाद , वो दोनो लेट गई , काया का कांपना अभी भी कम नही हुआ था , दाई ने भी नोटिस किया की वो जब से आई है उसकी बॉडी थर थरा ही रही है , उन्होंने काया को सीने से लगाया और प्यार से कहा “ काया क्या हुआ बच्चे , इतनी देर अकेली थी इसलिए डर गई क्या? लेकिन अब दाई मां है ना आपके पास , अब मत डरो बच्चा और सो जाओ आराम से , कल मम्मा पापा से मिलना है ना.. .. .. 

काया उनके सीने से चिपक गई , और आंखे बंद की पर अब भी उसकी आंखों के सामने निर्भय का गोली चलाना चल रहा था , जिसे याद कर वो बेहद डर रही थी। 

दूसरी तरफ , 

निर्भय देर रात तक पार्टी करके वहा से बाहर आया , उसे देख वो गार्ड्स थरथराने लगे , निर्भय ने उन्हें इग्नोर किया और अपने कमरे की और बढ़ गया , उसके बाकी दोस्त सोने चले गए थे ,बस निर्वाण को किसी का फोन आया था तो वो वही बात करने लग गया। 

वही , निर्भय ने कमरे में आके बेड पे देखा तो उसकी नजरे ठंडी पड़ गई और हाथों की मुट्ठियां कस गई , वो गुस्से से भर गया।

To be continued ✍🏻 

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