
आहिर ने गुस्से में अपने बालों में हाथ फेरा और अनंत जी और सरिता की तरफ देखा “इनाया चाहे जो भी कहे लेकिन मेरा फैसला नहीं बदलेगा, इसलिए आप दोनो ये मत समझना की उसके आंसु देख मेरा डिसीजन बदलेगा, अब वो यहां कभी नहीं आएगी”
इतना कहकर वो भी वहां से चला गया, उसने बाहर आके अपनी कार में देखा लेकिन इनाया वहां नहीं थी, ये देख उसने गुस्से में अपनी मुट्ठियां कस ली “इस लड़की को मुसीबतें अपने सिर पे लेने की आदत है, रात हो चुकी है और पता नहीं कहा चली गई, मुझे देखना होगा वरना फिर किसी मुसीबत में फंस जाएगी” कहते हुए वो भी सामने की तरफ चला गया।






Write a comment ...