
इनाया जमुना देवी के सामने खड़ी थी और अपर्णा जो एक कोने में खड़ी थी उसकी खतरनाक नजरे इनाया के ऊपर थी, उसने अपने मन में कहा “सब लोगो ने तुम्हे आसानी से एक्सेप्ट कर लिया, लेकिन एक बात हमेशा याद रखना, तुम कभी भी मेरे मकसद में नहीं आ सकती,”
कहते हुए उसके चेहरे पे शैतानी चमक आ गई “आज तक मेरे रास्ते में जो भी आया है मैने किसी को नहीं छोड़ा तो ऐसे में तुम किस खेत की मूली हो, तुम्हें तो एक पल में उखाड़ फेंक दूंगी में, पहले मेरा घाव खाली गया था पर अब नहीं, इस बार ऐसा घाव करूंगी तुम्हारे ऊपर की तुम्हारे सौ टुकड़े ना हुए तो मेरा नाम बदल देना”






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