
दहंश और रिव्या कॉलेज पहुंच गए और वहां पहुंचते ही दहंश ने कार पार्किंग में लगाई और खुद नीचे उतर गया। वो तुरंत दूसरी तरफ आया, जहां रिव्या बैठी थी। जैसे ही उसने रिव्या को अपनी बाहों में उठाने के लिए हाथ बढ़ाया, रिव्या ने जल्दी से उसे रोकते हुए कहा, “नहीं… अब मुझे ठीक लग रहा है, दर्द भी काफी कम हो गया है, मैं खुद चल सकती हूं… इसलिए आप रहने दीजिए।”
दहंश की गहरी नजरें सीधे उसके चेहरे पर टिक गईं, उसने हल्का सा झुककर धीमी लेकिन भारी आवाज में पूछा, “सच में दर्द नहीं हो रहा… या फिर मुझसे दूर रहने के लिए झूठ बोल रही है?”






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