
इनाया फार्महाउस के अंदर आई और अंदर आके उसने देखा पूरे घर में बस डीम पीली लाइट्स जल रही थी, माहौल में एक अलग ही मदहोश कर देने वाली खुशबू फैली हुई थी, ये सब देख उसका दिल अनजाने डर और गुस्से के मिले जुले भाव से बेकाबू होकर धड़कने लगा।
उसने अपनी उंगलियां कसकर मुट्ठी में भींच लीं और चारों तरफ अपनी नजरें घुमाईं, तभी…. उसे सीढ़ियों से धीमे, नपे तुले कदमों की आवाज आई, जिसे सुन इनाया की नजर ऊपर सीढ़ियों की तरफ उठी, वहां आहिर था जो सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था, हर कदम के साथ उसका साया दीवार पर और गहरा होता जा रहा था।






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