
रिव्या ने दहंश को खुदसे दूर किया और वहां से आगे बढ़ गई, उसकी धड़कने हद से ज्यादा बढ़ी हुई थी, दो ही कदम चले थे कि दहंश ने पीछे से उसकी बैक पे ड्रेस की जो पतली सी स्ट्रिप थी, उसमें उंगलियां फसाई, ये होते ही रिव्या की सांस रुक गई, अगले ही पल वो दहंश ने वो स्ट्रिप जोर से खींच दी तो वो पतला सा टॉप रिव्या के बदन से फिसलता हुआ नीचे फर्श पे गिर गया।
रिव्या की आंखे बड़ी हो गई, उसकी सांस अटक गई, उसने झट से उस टॉप को उठाया और जैसे तैसे उसकी स्ट्रिप वापस बांध दी, उसकी धड़कनों का शोर उस पूरे हॉल में फैला हुआ था, दहंश अब धीमे कदमों से उसके करीब आने लगा, उसके हर एक कदम के साथ रिव्या की धडकने तेज हो रही थी….. दहंश उसके पास आया और उसके पीछे खड़ा हो गया, रिव्या को उसकी सांसे अपनी गर्दन पे फील हो रही थी, उसने कसके अपने हाथों की मुट्ठी बनाई।






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