
शेखावत पैलेस,
चारों तरफ होली की चहल पहल थी, हर कोई अपने अपने में गुम होके होली खेल रहा था, इसी शोर शराबे और रंगों के तूफान के बीच, मेन गेट के पास एक हलचल हुई, क्रीम कलर का सूट पहने वहां इनाया खड़ी थी, हवा में इतना गुलाल फैला हुआ था, की सामने खड़ा इंसान भी धुंधला पड़ जाए, इनाया ने ये ऐसी होली पहली बार ही देखी थी, उसने हमेशा से बहुत सिंपल तरीके से त्यौहार मनाए थे और आज पहली बार ये सब देख उसे असहज महसूस हो रहा था।





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