
वो आदमी दुआ को लेके जाने लगे, की तभी किसी ने पीछे से मजबूती से दुआ का हाथ पकडा जिस वजह से उसके कदम रुक गए, दुआ ने पलटके उस शख्स को देखा जिसने उसका हाथ पकड़ रखा था, दुआ को उस शख्स का चेहरा मास्क की वजह से दिखा तो नही पर जो भी हो उसने उम्मीद से उस शख्स को देखते हुए कहा “ प्लीज प्लीज मुझे बचा लीजिए, ये लोग अच्छे नही है प्लीज मेरी हेल्प कीजिए”
उस शख्स ने स्मीर्क किया और अगले ही पल एक झटके में दुआ को अपने करीब खिंच लिया, दुआ किसी पतंग की डोर की तरह उसके करीब खींची चली आई, उसका नाजुक सा सीना उस शख्स के पत्थर से सीने से टकरा गया, दुआ हैरान सी उसे देख रही थी, दुआ को उस शख्स की खुशबु कुछ जानी पहचानी सी लगी….





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