
रिव्या ने अपने कांपते हाथों से जैसे ही वॉलेट उठाना चाहा कि अचानक…. किसी ने कसकर उसका हाथ पकड़ लिया, रिव्या की आंखे हैरत और डर में फैल गईं, वही शख्स जो थार में बैठा था उसने उसका हाथ पकड़ा था और पकड़ इतनी मज़बूत थी कि रिव्या के हाथ में दर्द हो उठा….
लेकिन, वो शख्स जिसने हाथ पकड़ा था, उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उसने किसी का हाथ नहीं बल्कि अपने सख्त हाथों में कोई मुलायम रुई पकड़ी हो.... उसने एक पल के लिए अपनी आंखे बंद की, पर तभी उस शख्स ने अब अपनी भारी और सख्त आवाज में कहा “ कौन है तू? और हिम्मत कैसे हुई मेरी थार में अपना हाथ डालने की?






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