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Chapter 10, 11, 12

दुआ मीत के चंगुल से निकलके बाहर आई और जाने लगी की तभी एक शख्स से टकरा गई, उस शख्स को देख दुआ की आंखे और ज्यादा हैरत में फैल गई..... इस वक्त उसके सामने राज खड़ा था, वही राज जिससे उसने कल मदत मांगी थी, दुआ ने राज को देख हैरानी से कहा “ आप यहां?

राज “ क्यू में नही आ सकता? सारे मजे तुम्हे उस प्रोफेसर के साथ ही करने थे क्या? मेरे साथ भी कर लो, इतना भी बुरा नही दिखता में” कहते हुए वो भी बेशर्मी से मुस्कुराया।

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