
दुआ दिन भर जो कुछ हुआ उससे तन्हा थी और फिर कुछ पुरानी यादें भी उसके जहन में कौंध गई, वो इन्ही सब यादों में थी , उसे किसी बात का कोई होश नही था, वो बस रोते हुए भाग रही थी की तभी एक तेज स्पीड से चलती थार उसके सामने आई और दुआ उससे टकरा गई…..
वही ये थार आक्रोश की थी, भले ही दुआ के चेहरे पे दुपट्टा था फिर भी आक्रोश ने उसे पहचान लिया, और दुआ को अपनी थार से टकराते देख उसकी सांसे हलक में अटक गई, जिसके लिए किसी की जान की कोई कीमत नहीं थी अब उसकी जान दुआ को अपनी थार से टकराते देख जाने को हुई, उसने तेजी से ब्रेक मारा पर दुआ दिन भर से स्ट्रेस में थी, जिस वजह से हल्के से टकराते ही वो बेहोश होके गिर गई।





Write a comment ...